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दौरा (Seizure): प्रकार, कारण, प्राथमिक उपचार और बचाव

August 4, 2026
5 min read

दौरा (Seizure) मस्तिष्क की असामान्य विद्युत गतिविधि के कारण होता है। यह मिर्गी का लक्षण हो सकता है लेकिन हमेशा नहीं। दौरे के दौरान मुंह में कुछ न डालें, रोगी को सुरक्षित लिटाएं। 5 मिनट से अधिक दौरा हो तो तुरंत 108 पर कॉल करें।

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दौरा (Seizure) क्या होता है?

दौरा (Seizure) मस्तिष्क में अचानक और असामान्य विद्युत गतिविधि के कारण होने वाली एक शारीरिक घटना है। इस दौरान व्यक्ति के व्यवहार, हरकतों, संवेदनाओं या चेतना में अचानक और अनैच्छिक बदलाव आता है। दौरा कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनट तक चल सकता है।

दौरा एक लक्षण है, कोई बीमारी नहीं। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को, नवजात शिशु से लेकर बुजुर्ग तक, आ सकता है। दौरे के पीछे कारण सामान्य भी हो सकते हैं जैसे तेज बुखार, और गंभीर भी जैसे Brain Tumor या मिर्गी।

भारत में हर साल लाखों लोगों को पहली बार दौरा आता है। सही समय पर सही निदान और उपचार से दौरों को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

दौरा (Seizure) इंफोग्राफिक जिसमें न्यूरॉन, EEG, MRI, दवाएं, रिकवरी पोजिशन और आपातकालीन देखभाल के न्यूनतम चित्रों के माध्यम से दौरे के कारण, निदान, उपचार और प्राथमिक उपचार को दर्शाया गया है।

दौरे और मिर्गी में क्या अंतर है?

यह सबसे आम भ्रम है जो लोगों के मन में रहता है। दोनों को समझना जरूरी है:

दौरा (Seizure) मिर्गी (Epilepsy)
परिभाषा एकल घटना, मस्तिष्क की असामान्य विद्युत गतिविधि बार-बार आने वाले दौरों की स्थिति
निदान एक दौरे से नहीं होता दो या अधिक बिना कारण के दौरे
कारण बुखार, चोट, ब्लड शुगर, दवा, कुछ भी मस्तिष्क की दीर्घकालिक विद्युत असामान्यता
उपचार कारण का इलाज दीर्घकालिक Anti-Seizure दवाएं या Surgery

दौरे के प्रकार

दौरे उनकी उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकृत किए जाते हैं:

Focal Seizure (फोकल दौरा): मस्तिष्क के किसी एक हिस्से से शुरू होता है। रोगी जागरूक रह सकता है (Focal Aware) या भ्रमित हो सकता है (Focal Impaired Awareness)। लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि मस्तिष्क का कौन-सा हिस्सा प्रभावित है, जैसे हाथ में झटके, आंखों में बदलाव, या अजीब गंध आना।

Generalized Seizure (जनरलाइज्ड दौरा): मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को एक साथ प्रभावित करता है। इसके उपप्रकार हैं:

  • Tonic-Clonic: सबसे परिचित प्रकार, पहले शरीर में कठोरता, फिर झटके
  • Absence: कुछ सेकंड के लिए “खो जाना”, बच्चों में आम
  • Myoclonic: अचानक तेज झटके
  • Atonic (Drop Attack): मांसपेशियों की अचानक शिथिलता, रोगी गिर जाता है

Febrile Seizure (ज्वर दौरा): 6 महीने से 5 साल के बच्चों में तेज बुखार के साथ आने वाला दौरा। यह अक्सर अपने आप ठीक होता है।

Provoked Seizure (प्रेरित दौरा): किसी स्पष्ट कारण जैसे ब्लड शुगर गिरना, दवा का असर, या शराब छोड़ने से आने वाला दौरा।

Status Epilepticus: 5 मिनट से अधिक चलने वाला दौरा या एक के बाद एक आने वाले दौरे। यह एक चिकित्सीय आपातकाल है। तुरंत 108 पर कॉल करें।

दौरे आने के प्रमुख कारण

दौरे के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

न्यूरोलॉजिकल कारण:

  • मिर्गी (Epilepsy), सबसे आम कारण
  • Brain Tumor, primary या metastatic
  • Stroke या TIA (Mini Stroke)
  • सिर की गंभीर चोट (TBI)
  • मस्तिष्क संक्रमण, Meningitis, Encephalitis, Neurocysticercosis

चयापचय और शारीरिक कारण:

  • हाइपोग्लाइसीमिया (Blood Sugar का अचानक गिरना)
  • बहुत कम Sodium (Hyponatremia)
  • Kidney या Liver Failure
  • तेज बुखार (विशेषकर बच्चों में)

बाहरी कारण:

  • कुछ दवाओं का दुष्प्रभाव या ओवरडोज़
  • शराब का अत्यधिक सेवन या अचानक बंद करना
  • नशीले पदार्थों का सेवन
  • नींद की भारी कमी
  • तेज चमकती रोशनी (Photosensitive Seizure)

यही कारण है कि पहली बार दौरा आने पर जांच अनिवार्य है, कारण जाने बिना इलाज संभव नहीं।

दौरे के सामान्य लक्षण

दौरे के लक्षण उसके प्रकार पर निर्भर करते हैं। कुछ दौरे बहुत स्पष्ट होते हैं, कुछ इतने सूक्ष्म कि परिवार उन्हें पहचान नहीं पाता।

Tonic-Clonic दौरे के लक्षण:

  • अचानक चेतना का नुकसान और गिर जाना
  • शरीर में कठोरता, फिर पूरे शरीर में झटके
  • जीभ काटना, मुंह से झाग या लार आना
  • आंखें ऊपर चली जाना
  • मूत्र का अनैच्छिक निकलना
  • दौरे के बाद गहरी नींद, भ्रम और थकान

Focal दौरे के लक्षण:

  • शरीर के एक हिस्से में झटके या अनैच्छिक हरकत
  • अचानक झनझनाहट या सुन्नपन
  • Déjà Vu (ऐसा लगना जैसे यह पहले हो चुका है)
  • पेट में अजीब सी अनुभूति
  • बिना कारण डर या घबराहट

Absence दौरे के लक्षण:

  • अचानक “खो जाना”, आंखें खुली पर प्रतिक्रिया नहीं
  • बातचीत के बीच में रुक जाना
  • होंठ चाटना या आंखें झपकाना
  • केवल 5-30 सेकंड, फिर सामान्य

Aura (पूर्व-संकेत): कुछ रोगियों को दौरे से पहले विशेष गंध, रोशनी या झनझनाहट का अनुभव होता है। यह Aura कहलाता है और इसे पहचानकर सुरक्षित स्थान पर जाया जा सकता है।

दौरे का निदान कैसे किया जाता है?

सटीक निदान के लिए Dr. Satyakam Baruah जैसे Epilepsy Specialist से मिलना जरूरी है। निदान प्रक्रिया में शामिल हैं:

Medical History: दौरा कब, कैसे और कितने समय का था? क्या पहले भी हुआ? परिवार में मिर्गी का इतिहास? दौरे के गवाह की जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।

EEG (Electroencephalography): मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करता है। यह मिर्गी के निदान का सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। Video-EEG से दौरे की recording और मस्तिष्क गतिविधि एक साथ देखी जाती है।

MRI Brain (Epilepsy Protocol): सामान्य MRI से अधिक विस्तृत यह जांच Hippocampal Sclerosis, Cortical Dysplasia, Tumor, या पुरानी चोट की पहचान करती है।

Blood Tests: Blood Sugar, Sodium, Calcium, Thyroid, Kidney और Liver Function की जांच, कई बार दौरे का कारण यहीं से मिलता है।

CT Scan: आपातकाल में या जब MRI उपलब्ध न हो, रक्तस्राव या Stroke की तुरंत पहचान के लिए।

Advanced Tests (जरूरत अनुसार):

  • PET Scan और SPECT, Seizure Focus की metabolic mapping
  • Robotic SEEG (Stereoelectroencephalography), जटिल Drug-Resistant मामलों में मस्तिष्क के अंदर इलेक्ट्रोड रखकर सटीक Seizure Focus पहचानना

Struggling with Seizures, Persistent Headaches, or Other Neurological Symptoms?

दौरे आने पर क्या करें? (First Aid)

दौरे के समय सही प्रतिक्रिया किसी की जान बचा सकती है। इन steps को याद रखें:

तुरंत करें:

  • रोगी को सुरक्षित, समतल जगह पर लिटाएं
  • सिर के नीचे कुछ नरम रखें, मुड़ा हुआ कपड़ा या तकिया
  • रोगी को एक करवट (Side Position) में लिटाएं ताकि लार बाहर आ सके
  • आसपास की कठोर या नुकीली वस्तुएं हटा दें
  • ढीले कपड़े करें, टाई, दुपट्टा, बेल्ट
  • दौरे का समय नोट करें
  • रोगी के पास तब तक रहें जब तक वह पूरी तरह होश में न आ जाए

यह कभी न करें:

  • मुंह में चाबी, चम्मच या कोई वस्तु न डालें, इससे दांत टूट सकते हैं और चोट लग सकती है
  • रोगी को पकड़कर रोकने की कोशिश न करें
  • दौरे के दौरान कुछ खिलाएं या पिलाएं नहीं
  • रोगी को होश में लाने के लिए पानी न छिड़कें
  • घबराहट में भीड़ न लगाएं

किन चीजों से बचना चाहिए?

दौरे से पीड़ित व्यक्तियों को इन Triggers से बचना चाहिए:

  • नींद की कमी: यह सबसे बड़ा और सबसे आम Trigger है। प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद अनिवार्य है।
  • दवा छोड़ना: Anti-Seizure दवाएं कभी अचानक बंद न करें, यह गंभीर दौरों को आमंत्रण देता है।
  • तनाव और थकान: अत्यधिक मानसिक या शारीरिक थकान दौरों को trigger कर सकती है।
  • शराब: शराब दवाओं के साथ react करती है और Seizure Threshold कम करती है।
  • तेज चमकती रोशनी: Photosensitive Epilepsy में strobe lights, तेज धूप या flickering screens से बचें।
  • भोजन छोड़ना: Blood Sugar गिरने से दौरे आ सकते हैं, नियमित भोजन जरूरी है।
  • कैफीन की अधिकता: अत्यधिक चाय-कॉफी मस्तिष्क की उत्तेजना बढ़ाती है।

दौरे का इलाज कैसे किया जाता है?

दौरे का इलाज उसके कारण और प्रकार पर निर्भर करता है।

कारण का उपचार: यदि दौरा किसी स्पष्ट कारण से आया, जैसे Hypoglycemia, Meningitis, या Electrolyte असंतुलन, तो उस कारण का इलाज करने से दौरे बंद हो जाते हैं।

Anti-Seizure Medications (ASMs): मिर्गी में दवाएं पहली पसंद हैं। Levetiracetam, Lamotrigine, Valproate, Oxcarbazepine और Lacosamide आमतौर पर उपयोग की जाती हैं। सही दवा का चुनाव दौरे के प्रकार, उम्र और रोगी की स्थिति के अनुसार होता है।

Epilepsy Surgery: जब दो या अधिक दवाएं उचित खुराक में लेने के बाद भी दौरे नियंत्रित न हों (Drug-Resistant Epilepsy), तब Surgery सबसे प्रभावी विकल्प है। Dr. Satyakam Baruah द्वारा किए जाने वाले surgical options:

  • Temporal Lobe Resection: Seizure Focus को हटाना, 70-90% सफलता दर
  • LITT (Laser Interstitial Thermal Therapy): बिना बड़े चीरे के laser से Seizure Focus को नष्ट करना
  • Robotic SEEG: मस्तिष्क के अंदर robot-guided electrodes से सटीक mapping
  • DBS (Deep Brain Stimulation): मस्तिष्क में electrode रखकर विद्युत संकेत से दौरे नियंत्रित करना
  • VNS (Vagus Nerve Stimulation): छाती में device रखकर Vagus Nerve को stimulate करना

Ketogenic Diet: Drug-Resistant बच्चों की मिर्गी में उच्च वसा, कम कार्बोहाइड्रेट का यह आहार प्रभावी है। इसे हमेशा विशेषज्ञ की निगरानी में लें।

बच्चों में दौरे (Febrile Seizures)

Febrile Seizure 6 महीने से 5 साल की उम्र के बच्चों में तेज बुखार के साथ आने वाला दौरा है। यह 2-5% बच्चों में होता है और अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है।

Febrile Seizure के दौरान:

  • बच्चे को करवट लिटाएं
  • कपड़े ढीले करें
  • बुखार कम करने की कोशिश करें
  • 5 मिनट से अधिक दौरा हो तो तुरंत अस्पताल जाएं

क्या Febrile Seizure से मिर्गी होती है? अधिकांश मामलों में नहीं। हालांकि यदि:

  • दौरा 15 मिनट से अधिक चले
  • 24 घंटे में एक से अधिक दौरे आएं
  • एक तरफ के शरीर में ही दौरा हो

तो Pediatric Neurologist से जरूर मिलें। ऐसे मामलों में भविष्य में मिर्गी का जोखिम थोड़ा अधिक होता है।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

इन स्थितियों में तुरंत 108 पर कॉल करें या अस्पताल जाएं:

  • दौरा 5 मिनट से अधिक चले (Status Epilepticus)
  • एक के बाद एक दौरे आएं और बीच में होश न आए
  • दौरे के बाद सांस लेने में कठिनाई हो
  • रोगी पानी में हो या गिरने से गंभीर चोट लगी हो
  • पहली बार दौरा आया हो, विशेषकर बुजुर्ग में
  • गर्भवती महिला को दौरा आए
  • दौरे के साथ बुखार, गर्दन में अकड़न या सिरदर्द हो

इन स्थितियों में जल्द Neurologist से मिलें:

  • दौरे बार-बार आ रहे हों
  • दवाएं लेने के बाद भी दौरे नियंत्रित न हों
  • दौरों की frequency या तीव्रता बढ़ रही हो
  • बच्चे के स्कूल में performance अचानक कम हो, Absence Seizure हो सकता है

दौरे से बचाव के उपाय

दौरों को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं, लेकिन इन उपायों से जोखिम काफी कम किया जा सकता है:

  • दवाएं नियमित लें: Anti-Seizure दवाएं doctor की सलाह के बिना कभी बंद न करें
  • नींद पूरी करें: प्रतिदिन 7-8 घंटे, यह सबसे सरल और सबसे प्रभावी उपाय है
  • Seizure Diary रखें: हर दौरे का समय, अवधि और संभावित Trigger नोट करें, यह doctor को सटीक इलाज में मदद करता है
  • तनाव प्रबंधन: Meditation, Yoga और Deep Breathing नियमित रूप से करें
  • शराब और नशे से दूर रहें
  • सिर की सुरक्षा करें: Helmet पहनें, Road Safety का पालन करें, TBI से बचाव
  • नियमित Follow-up: हर 3-6 महीने में Neurologist से मिलें, दवाओं की review कराएं
  • Medical Alert Card: अपनी बीमारी और दवाओं की जानकारी हमेशा साथ रखें

निष्कर्ष

दौरा एक भयावह अनुभव हो सकता है, रोगी के लिए भी और परिवार के लिए भी। लेकिन यह जानना जरूरी है कि दौरा प्रबंधनीय है। सही निदान, उचित दवाएं और जरूरत पड़ने पर Surgery से अधिकांश रोगी सामान्य जीवन जी सकते हैं।

Dr. Satyakam Baruah, Amrita Hospital Faridabad में Senior Consultant Neurosurgeon हैं, जो Drug-Resistant और Complex Seizure Cases में विशेषज्ञ हैं। उन्होंने NIMHANS Bangalore से MCh Neurosurgery और Montreal Neurological Institute, Canada से Epilepsy Surgery Fellowship पूरी की है। Robotic SEEG, LITT, DBS और VNS जैसी उन्नत तकनीकों से वे दिल्ली NCR में सर्वश्रेष्ठ Epilepsy Care प्रदान करते हैं।

यदि आप या आपके परिवार में किसी को दौरे आ रहे हैं, चाहे पहली बार हो या बार-बार, देर न करें।

Dr. Satyakam Baruah’s Medical Content Team

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This content is reviewed by Dr. Satyakam Baruah

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